मसा की बीमारी क्यों होती है?HealthPlanet

Posted on Sat 10th Dec 2022 : 09:15

मस्से विषाणु संक्रमण से पैदा होते हैं। प्रायः 'मानव पेपिल्लोमैविरस' नामक विषाणु की कोई प्रजाति इसका कारण होती है। लगभग दस प्रकार के मस्से होते हैं। मस्से संक्रमण (छुआछूत) से हो सकते हैं और शरीर में वहाँ प्रवेश करते हैं जहाँ त्वचा कटी-फटी हो।

मस्सा, त्वचा की बाहरी परत पर एक मोटी और कठोर गांठ जैसा होता है। ये शरीर पर कहीं भी विकसित हो सकते हैं। हाथ और पैरों की त्वचा पर इनके विकसित होने की आशंका ज्यादा होती है। ये त्वचा पर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (Human Papilloma Virus) यानी एचपीवी संक्रमण के कारण होते हैं। खास बात यह है कि बेशक ये गांठ जैसे होता हैं, लेकिन कैंसर का कारण नहीं बनते हैं (1)।

मस्सा के प्रकार – Types of Warts in Hindi

मुख्य रूप से मस्से छह प्रकार के होते हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (2):

कॉमन मस्सा (Common warts): यह मस्सा सुई की नोक से लेकर मटर के आकार तक का हो सकता है। यह अक्सर हाथों, उंगलियों, नाखूनों के आसपास की त्वचा और पैरों पर पाया जाता है। इन मस्सों को छूने पर खुरदरा सा अहसास हो सकता है। आमतौर पर यह मस्सा हाथों के पीछे, नासूनों के आसपास की त्वचा या तो उंगलियों और पैरों पर पाया जा सकता है।

प्लांटार मस्सा (Plantar warts): प्लांटार मस्से आकार में काफी बड़ा हो सकता है। यह ज्यादातर पैरों की एड़ियों और तलवों पर होता है। हालांकि, पैरों के तलवे पर व्यक्ति के शरीर का दबाव पड़ता है, इसलिए यह मस्सा बाकी अन्य मस्सों के मुकाबले बाहर की ओर नहीं बढ़ पाता है। खड़े और चलने पर यह तलवे के अंदर की ओर दबता है। इस दबाब के कारण यह तलवे पर दर्द उत्पन्न कर सकता है या, तो तलवे की उस जगह की त्वचा को सॉफ्ट कर सकता है। ऐसे में इस तरह के मस्से की बीमारी का इलाज करना थोड़ा मुश्किल होता है।

मोजेक मस्सा (Mosaic warts): यह छोटे आकार का सफेद रंग का मस्सा होता है। यह आमतौर पर पैरों की उंगलियों के नीचे पाया जाता है, जो पूरे पैर में फैल सकता है। मोजेक मस्सा प्लांटार मस्सा के मुकाबले थोड़ा फ्लेट होता है। ऐसे में चलने फिरने में इस तरह के मस्से के कारण कभी भी किसी भी तरह का दर्द महसूस नहीं हो सकता है।

फिलीफॉर्म मस्सा (Filiform warts): यह धागे जैसा पतला और आगे से नुकीला होता है। यह मुख्य रूप से चेहरे पर होता है। चेहरे पर होने के कारण यह ज्यादा परेशान कर सकता है।

फ्लैट मस्सा (Flat warts): यह हल्के भूरे रंग का होता है और आमतौर पर चेहरे, माथे व गाल पर पाया जाता है। यह अंडरआर्म्स पर भी हो सकता है।

जेनिटल मस्सा (Genital warts): ये मस्सा जननांग पर बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मस्सा छोटी कठोर गांठ जैसा नजर आता है।

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